Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर बंद हुआ ये कट, अब इस रूट से होगा जाना

Delhi Mumbai Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) के फरीदाबाद वाले हिस्से से लिंक होकर नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट तक बनने वाले ग्रीनफील्ड Expressway का निर्माण चल रहा है। साहूपुरा मोड, सेक्टर-65 से ग्रीनफील्ड Expressway कनेक्ट होगा। इसलिए यहां इंटरचेंज बनाया जा रहा है।
निर्माण कार्य में तेजी के लिए अब यहां कट को बंद कर दिया गया है।दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) पर सीकरी की ओर से मीठापुर की ओर जाने वाले वाहन चालकों के लिए साहूपुरा गांव के पास सर्विस रोड पर डायवर्ट कर दिया गया है। इसलिए साहूपुरा गांव और सेक्टर-62-65 से दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) पर चढ़ने वाले वाहन चालकों को अब आइएमटी से चढ़ना होगा।

31 किलोमीटर लंबे इस मार्ग का सात किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश में और 24 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में बनेगा। फरीदाबाद के 12 गांव की जमीन अधिगृहीत हो चुकी है। एक्सप्रेसवे पर कई जगह निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
हजार एकड़ जमीन का हुआ अधिग्रहण
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) ने नोएडा एयरपोर्ट से फरीदाबाद को जोड़ने के लिए गांव सोतई, मच्छगर, बहबलपुर, फफूंदा, पन्हेड़ा खुर्द, गढखेड़ा, नरहावली, छांयसा, हीरापुर, नरियाला, मोहना, बागपुर, नंगलिया, सोलड़ा, भोलड़ा की हजार एकड़ जमीन अधिग्रहण की है।
कई हाईवे होंगे सीधे कनेक्ट
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे सबसे पहले दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi Mumbai Expressway) से शुरू होगा। इसके बाद कुंडली-गाजियाबाद-पलवल Expressway से होते हुए सीधा नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से कनेक्ट होगा। इस एयरपोर्ट से इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की भी कनेक्टिविटी होगी। यमुना Expressway के लिए भी कनेक्टिविटी दी जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग फरीदाबाद से भी ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होगा।
1660 करोड़ का है बजट
ग्रीनफील्ड Expressway के निर्माण कार्य का ठेका एपको इंफ्राटेक कंपनी को दिया गया है। इसके निर्माण पर 1660.50 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण करने वाली कंपनी ने कई जगह Expressway का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है है।
दावा है कि अगले साल ग्रीन फील्ड Expressway को छह लेन बनाकर पूरी तरह से तैयार कर दिया जाएगा और इस पर वाहन फर्राटा भर सकेंगे। इसके दोनों तरफ हरित पट्टी भी विकसित की जाएगी। मार्ग पूरी तरह से हरा-भरा दिखाई देगा।











